जुलाई 2026 में मानसून: IMD ने जारी किया औसत से कम बारिश का अनुमान, जानें किन राज्यों पर होगा असर

जुलाई 2026 में मानसून: IMD ने जारी किया औसत से कम बारिश का अनुमान, जानें किन राज्यों पर होगा असर

जुलाई 2026 में मानसून: IMD ने जारी किया औसत से कम बारिश का अनुमान, जानें किन राज्यों पर होगा असर

नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि जुलाई 2026 में देश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, इस माह बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) के 94% से नीचे रहने का अनुमान है। यह पूर्वानुमान उस समय आया है जब जून 2026 पहले से ही 1901 के बाद से पाँचवाँ सबसे शुष्क जून साबित हुआ है, जिसमें वर्षा औसत से लगभग 39-40% कम रही।

El Niño का बढ़ता प्रभाव

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस बार कमजोर मानसून का प्रमुख कारण प्रशांत महासागर के भूमध्यीय क्षेत्र में El Niño का सक्रिय होना है। El Niño की स्थिति में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर आने वाली मानसूनी हवाएं कमज़ोर पड़ जाती हैं। साथ ही, मेडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) की प्रतिकूल स्थिति ने भी जून में बारिश की कमी को और बढ़ाया। Down To Earth की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों कारकों के संयुक्त प्रभाव से जून में भारी वर्षा की कमी दर्ज हुई।

किन राज्यों में कितनी बारिश की उम्मीद?

IMD के राज्य-वार पूर्वानुमान के अनुसार:

  • उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान): जुलाई के पहले 10 दिनों में Bay of Bengal के ऊपर बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली में मानसून 4 जुलाई 2026 तक पहुंचने का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय): यहाँ बाढ़ की स्थिति पहले से ही गंभीर है और आगे भी भारी वर्षा जारी रहने का अनुमान है।
  • दक्षिण भारत (केरल, कर्नाटक): IMD ने कोस्टल कर्नाटक के लिए 1 जुलाई को ‘Very Heavy Rain’ की चेतावनी जारी की है।
  • उत्तर भारत (हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर): 1 से 6 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है।

Bay of Bengal में बन रहा Low Pressure Area

Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार, Bay of Bengal के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जो जुलाई के पहले सप्ताह में देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश करा सकता है। इसका सबसे अधिक फायदा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और पूर्वी उत्तर प्रदेश को मिल सकता है।

कृषि और जल संसाधन पर प्रभाव

जुलाई भारत के खरीफ सीजन का सबसे महत्वपूर्ण महीना होता है। किसान इस महीने धान, मक्का, दलहन और तिलहन की बुवाई करते हैं। अगर जुलाई में भी वर्षा कम रही, तो खाद्यान्न उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सूखा-प्रतिरोधी किस्मों की बुवाई करने और पानी की बचत करने की सलाह दी है।

IMD की सलाह और चेतावनी

IMD ने 1 जुलाई 2026 को 15 राज्यों के लिए Orange Alert जारी किया है, जिसमें भारी बारिश, आंधी और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन राज्यों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल, हिमाचल प्रदेश, मेघालय और कर्नाटक प्रमुख हैं। विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में landslide के प्रति सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नज़र रखने की सलाह दी है।

निष्कर्ष

जुलाई 2026 का मौसम मिला-जुला रहने की उम्मीद है — कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा और बाढ़, जबकि अन्य हिस्सों में सूखे जैसे हालात। IMD और Skymet के पूर्वानुमानों पर नज़र रखना इस महीने बेहद ज़रूरी है। aajkamausam.in पर हम आपको रोज़ाना ताज़ा और सटीक मौसम जानकारी देते रहेंगे।

स्रोत: IMD, Reuters, Times of India, India Today, Down To Earth | प्रकाशन तिथि: 1 जुलाई 2026

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